चंडीगढ़ – पढ़िए आज मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में किन मंत्रिमंडल की बैठक

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नवदेश टाइम्स\कुलदीप सैनी

चंडीगढ़, 5 अप्रैल- हरियाणा के मुख्यमंत्री  मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमण्डल की बैठक में ‘हरियाणा चौकीदारा (वॉचमैन) रूल्स, 2011’ के प्रशासनिक नियंत्रण को हरियाणा के गृह विभाग से विकास एवं पंचायत विभाग में स्थानांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।
‘हरियाणा गवर्नमैंट (अलॉकेशन) रूल्स, 1974’ के बिजनेस के तहत गृह विभाग को ‘विलेज चौकीदार्स-एडमिनिस्टे्रशन ऑफ द पंजाब चौकीदारा रूल्स’ आवंटित किया गया था। इसके बाद ‘हरियाणा चौकीदारा (वॉचमैन) नियम, 2011’ लागू करके पंजाब चौकीदार नियम को निरस्त कर दिया गया।
हरियाणा के विकास एवं पंचायत विभाग द्वारा वर्ष 1996 से चौकीदारों के मानदेय के पुनरीक्षण एवं अन्य लाभों सहित अन्य मामलों का संचालन किया जा रहा है इसलिए अब कैबिनेट ने ‘हरियाणा चौकीदारा (वॉचमैन) रूल्स, 2011’ के प्रशासनिक नियंत्रण को गृह विभाग से विकास एवं पंचायत विभाग को तत्काल स्थानांतरित करने की मंजूरी दी है।

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चंडीगढ़, 5 अप्रैल-  मंत्रिमण्डल की बैठक में तीन राज्य पुलिस पुरस्कार देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इनमें वीरता के लिए मुख्यमंत्री-पदक, जांच में उत्कृष्टता के लिए गृहमंत्री-पदक और अन्य बेहतर कार्य करने के लिए ‘हरियाणा पुलिस उत्तम सेवा-पदक’ दिया जाएगा।
वीरता के लिए मुख्यमंत्री-पदक-
यह पदक हरियाणा पुलिस के उन सभी रैंक के अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रदान किया जाएगा, जो जीवन और संपत्ति को बचाने या अपराध को रोकने या अपराधियों को गिरफ्तार करने, कट्टर अपराधियों का सामना करने,जन आंदोलन पर नियंत्रण करने, बड़े पैमाने पर कानून और व्यवस्था की गड़बड़ी को रोकने व प्रबंधन करने अथवा रिस्क का पहले से ही अनुमान लगाने ,सामान्य कर्तव्य से ऊपर और विशेष बहादुरी के असाधारण और विशिष्ट कार्य प्रदर्शित करने में अहम भूमिका निभाएगा।
उत्कृष्टता जांच के लिए गृहमंत्री-पदक-
यह पदक उन अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रदान किया जाएगा जो जांच के नवीन, वैज्ञानिक तरीकों, फोरेंसिक व ऑनलाइन जांच उपकरणों का उपयोग करते हैं, चार्जशीट की त्वरित फाइलिंग करके दोषी का दोष सिद्घ करने में खास भूमिका अदा करते हैं। इससे राज्य में अपराध की जांच के उच्च मानकों को बनाए रखने तथा पुलिस बल के बीच व्यावसायिकता के उच्च स्तर को बढ़ावा देने में सहयोग मिलेगा। यही नहीं दोषियों को सजा दिलाने की दर में वृद्धि होगी जिससे समाज को लाभ पहुंचेगा।
हरियाणा पुलिस उत्तम सेवा पदक-
यह पदक पुलिस के उन अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रदान किया जाएगा जो कानून और व्यवस्था, आईटी तकनीक, यातायात प्रबंधन, पुलिस स्टेशनों में प्रशासनिक कार्य, सामुदायिक पुलिसिंग और पुलिस विभाग की अन्य सभी नौकरियों या रिकॉर्ड-कीपिंग और हाउसकीपिंग के माध्यम से बेहतर प्रशासनिक कार्य में सहायता करेंगे। इसके लिए वे पुलिसकर्मी भी पात्र होंगे जो न केवल नीतिगत निर्णय लेने में सहायता करते हैं बल्कि जो किसी औपचारिक पुरस्कार या ईनाम के लिए अभी तक मान्य नहीं हुए थे।
इन पदकों से सम्मानित होने वाले अधिकारियों और कर्मचारियोंं की वर्दी पर बाईं जेब के ऊपर रंगीन डिस्प्ले के साथ एक पदक, स्क्रॉल, मुख्यमंत्री और गृह मंत्री द्वारा हस्ताक्षरित एक प्रमाण-पत्र के साथ 21 हजार रूपए का एकमुश्त नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अलावा, ग्रुप बी और सी पुलिस अधिकारियों के लिए सेवानिवृत्ति के बाद उनकी सेवा में छह महीने का विस्तार (यदि वे सेवा में किसी अन्य विस्तार का लाभ नहीं उठा रहे हैं) दिया जाएगा।  एक कैलेंडर वर्ष में पदकों की संख्या प्रत्येक श्रेणी में 10 से अधिक नहीं होगी।

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हरियाणा ने निजी सुरक्षा एजेंसियों के नियम, 2022 बनाए
चंडीगढ़, 5 अप्रैल-निजी सुरक्षा एजेंसियों के नियमन के लिए और उससे जुड़े या उससे जुड़े मामलों के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई कैबिनेट की बैठक में ‘हरियाणा निजी सुरक्षा एजेंसी नियम, 2022’ के निर्माण के संबंध में एक प्रस्ताव को मंजूरी दी।  ये नियम राजपत्र में उनके प्रकाशन की तिथि से लागू होंगे।
राज्य सरकार द्वारा इन नियमों को तैयार भारत सरकार द्वारा अधिसूचित मॉडल नियमों के अनुरूप किया गया है, इसलिए ‘हरियाणा निजी सुरक्षा एजेंसियां नियम, 2022’ हरियाणा निजी सुरक्षा एजेंसियों के नियम 2009 के अधिक्रमण में प्रस्तावित हैं।
भारत सरकार,गृह मंत्रालय ने निजी सुरक्षा एजेंसियों (विनियमन) अधिनियम, 2005 की धारा 24 के तहत निजी सुरक्षा एजेंसियों के केंद्रीय मॉडल नियम, 2020 को अधिसूचित किया था। उक्त अधिनियम का उद्देश्य निजी सुरक्षा एजेंसियों के कामकाज का संचालन करना है ताकि वे एक कानूनी ढांचे के भीतर काम करें और एक नियामक तंत्र के प्रति जवाबदेह हों।

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चंडीगढ़, 5 अप्रैल-हरियाणा सरकार ने ‘एक खेल के कई विषयों हेतू’ राज्य की नीति के अनुसार दिए जाने वाले लाभ जैसे कि खिलाडिय़ों को नौकरी, ग्रेडेशन प्रमाण पत्र, नकद पुरस्कार, मानदेय और छात्रवृत्ति सहित अन्य लाभ को देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए यह निर्णय लिया।
मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में खिलाडिय़ों को 5 सितंबर, 2019 को जारी नीति में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।  उक्त संशोधन के अनुसार ‘इवेंट’ को ‘एक खेल के कई विषयों के रूप में परिभाषित किया जा सकता है जो कि भार वर्ग तक सीमित नहीं है’ को उपरोक्त नीति के पैरा-॥ में जोड़ा गया है।
इन प्रोत्साहनों को नियंत्रित करने वाली विभागीय नीतियां और नियम कहते हैं कि इन लाभों का लाभ उठाने व पात्र बनने के लिए, खिलाड़ी द्वारा खेले जाने वाला ‘इवेंट’ खेल ओलंपिक खेलों या एशियाई खेलों या राष्ट्रमंडल खेलों में शामिल होना चाहिए।
उदाहरण के लिए विश्व चैम्पियनशिप, एशियाई चैम्पियनशिप, राष्ट्रमंडल खेलों, राष्ट्रमंडल चैम्पियनशिप, राष्ट्रीय खेलों और राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में कुल 10 भार वर्गों में कुश्ती खेली जाती है, जबकि ओलंपिक खेलों और एशियाई खेलों में केवल छह भार वर्ग में ये खेल खेले जाते हैं। इसी तरह, मुक्केबाजी(पुरुष) विश्व चैम्पियनशिप, एशियाई खेलों, एशियाई चैम्पियनशिप, राष्ट्रमंडल खेल, राष्ट्रमंडल चैम्पियनशिप, राष्ट्रीय खेल और राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में कुल 10 भार वर्गों में भी खेली जाती हैं जबकि ओलंपिक खेलों में केवल छह भार वर्ग में ये खेली जाती हैं।
इसमें एक खिलाड़ी की गलती नहीं है कि उसका भार वर्ग ओलंपिक, एशियाई या राष्ट्रमंडल खेलों में शामिल नहीं है, यह तकनीकी रूप से भी बहुत मुश्किल है (और कुछ मामलों में एक खिलाड़ी के लिए अपना भार वर्ग बदलना और नए सिरे से शुरुआत करना लगभग असंभव है। इसलिए यहाँ  संशोधन किया गया है।
हरियाणा देश में अपने खिलाडिय़ों को सबसे ज्यादा प्रोत्साहन देने के लिए जाना जाता है। खेल और युवा मामले विभाग, हरियाणा खिलाडिय़ों को उनकी खेल उपलब्धियों के आधार पर नौकरी, ग्रेडेशन प्रमाण पत्र, नकद पुरस्कार, मानदेय और छात्रवृत्ति प्रदान कर रहा है।

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चंडीगढ़, 5 अप्रैल- मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा लकड़ी आधारित उद्योग (स्थापना और विनियमन) नियम, 2022 के संबंध में एक प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। ये नियम लकड़ी आधारित उद्योग (स्थापना और विनियमन) दिशानिर्देश, 2016 की अधिसूचना की तिथि से लागू होंगे और पूरे राज्य में लागू होंगे।
इन नियमों के तहत हर पांच साल में लकड़ी आधारित उद्योगों के लिए लकड़ी की उपलब्धता का आंकलन करने, विभिन्न कच्चे माल की मात्रा का आंकलन करने के लिए, लकड़ी आधारित उद्योग के लिए सामग्री की आवश्यकता, जिसे राज्य में वन क्षेत्रों के बाहर के पेड़ों से स्थायी रूप से काटा जा सकता है, और राज्य में घरेलू बाजारों में लकड़ी और अन्य वन उपज की वार्षिक आवश्यकता का आंकलन करने सहित पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री के क्षेत्रीय कार्यालय के प्रतिनिधि सहित आठ सदस्यीय राज्य स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा।
इसके अलावा, समिति प्रत्येक वित्तीय वर्ष के दौरान राज्य में स्थापित और संचालित करने हेतू अनुमत प्रत्येक लकड़ी आधारित उद्योग द्वारा उपयोग की जाने वाली लकड़ी और अन्य कच्चे माल का एक डेटाबेस भी बनाए रखेगी और लकड़ी आधारित उद्योग की स्थापना के लिए उपयुक्त स्थानों को मंजूरी देगी।
समिति नए पंजीकरण प्रमाण पत्र, मौजूदा लाइसेंस क्षमता में वृद्धि, इकाइयों के हस्तांतरण, स्वामित्व में परिवर्तन या लाइसेंस/पंजीकरण से संबंधित किसी भी अन्य मुद्दे को मंजूरी देगी, यदि समिति यह पाती है कि लकड़ी उक्त लकड़ी आधारित उद्योगों के लिए कानूनी रूप से उपलब्ध है।
समिति समय-समय पर लाइसेंस, पंजीकरण और हरित शुल्क प्रदान करने हेतू विभिन्न शुल्क के संबंध में राज्य सरकार को सिफारिशें/अनुशंसा भी भेजेगी।
इन नियमों के नियम-6 के प्रावधानों के अनुसार फर्नीचर निर्माण इकाइयां, लकड़ी के खिलौने और हस्तशिल्प, फाइरवुड डिपों इत्यादि को इन नियमों मे छूट दी जाएगी।

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हरियाणा ने एनसीआर राज्यों की शैक्षणिक संस्थानों की बसों को हरियाणा में प्रवेश व संचालन के लिए मोटर वाहन कर के भुगतान से दी छूट
चंडीगढ़ 5 अप्रैल-  मंत्रिमंडल की बैठक में पारस्परिक सामान्य परिवहन समझौते के अधीन राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र राज्यों द्वारा दिए गए परमिटों के अनुसार हरियाणा के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रवेश और संचालन करते समय राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अन्य राज्यों अर्थात उत्तर प्रदेश, राजस्थान तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की शैक्षणिक संस्थानों की बसों को मोटर वाहन कर का भुगतान करने के दायित्व से छूट देने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। इससे हरियाणा राज्य में अन्य एनसीआर राज्यों की शैक्षणिक संस्थानों की बसों के निर्बाध संचालन में सुविधा होगी।
वर्तमान में, हरियाणा के अतिरिक्त अन्य राज्यों में पंजीकृत सभी मोटर वाहनों द्वारा हरियाणा में प्रवेश और संचालन करने पर निर्दिष्ट दरों के अनुसार मोटर वाहन कर का भुगतान करना आवश्यक है।
मोटर वाहन कर में इस प्रकार की ऐसी छूट को प्रभावी करने के लिए राज्य सरकार द्वारा 29 सितंबर, 2017 को जारी अधिसूचना में संशोधन किया जाना आवश्यक था, इसलिए उक्त संशोधन किया गया है जिससे स्कूलों को ईज ऑफ बिजनस और छात्रों में ईज ऑफ लिविंग में बढ़ावा देने के तहत जन कल्याण होगा।

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चंडीगढ़, 5 अप्रैल-  मंत्रिमंडल की बैठक में स्वास्थ्य विभाग, हरियाणा द्वारा अनुमोदित अस्पतालों को परिचालक लाइसेंस हेतु प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण के संबंध में प्रमाण पत्र प्रदान करने के लिए अधिकृत करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई।
इसलिए, हरियाणा मोटर वाहन नियम, 1993 के नियम 22 के उप-नियम (1) के खंड (ढ्ढढ्ढढ्ढ) के साथ फार्म एच.आर. नंबर 8 को उपयुक्त रूप से संशोधित किया गया है। इन नियमों को हरियाणा मोटर यान (संशोधन) नियम, 2022 कहा जाता है।
यह महसूस किया गया कि यदि सेंट जॉन्स एम्बुलेंस एसोसिएशन या राज्य में इसकी किसी भी इकाई के अलावा, पेशेवर अस्पतालों को भी प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण प्रदान करने तथा फार्म एच.आर. नंबर 8 में प्रमाण पत्र जारी करने के लिए अधिकृत किया जाए, तो प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण के उद्देश्य को बेहतर ढंग से प्राप्त किया जा सकता है। अत: उक्त संशोधन किया गया है।
उक्त संशोधन का उद्देश्य प्राथमिक चिकित्सा में प्रशिक्षण के लिए फार्म एचआर नंबर 8 में प्रमाण पत्र जारी करने के लिए महानिदेशक, स्वास्थ्य सेवा, हरियाणा की ओर से जारी किए जाने वाले कार्यकारी आदेश द्वारा हरियाणा राज्य में अनुमोदित किए गए पेशेवर अस्पतालों को अधिकार प्रदान करना है।
इससे परिचालक लाइसेंस के आवेदकों को सेंट जॉन एम्बुलेंस एसोसिएशन और राज्य में इसकी किसी भी इकाई के अलावा अपने संबंधित क्षेत्रों में अनुमोदित अस्पतालों से प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण तथा फार्म एचआर नंबर 8 में प्रमाण पत्र प्राप्त करने की सुविधा होगी। अस्पतालों के पास इस तरह के प्रशिक्षण देने में बेहतर विशेषज्ञता है और इससे आवेदकों को फायदा होगा। इस कदम से आवेदकों को ऐसे प्रमाणपत्र प्राप्त करने में आसानी होगी।

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चंडीगढ़, 5 अप्रैल-  मंत्रिमण्डल की बैठक में हरियाणा ग्रामीण विकास निधि प्रशासन बोर्ड में पेंशन योजना का कार्यान्वयन और हरियाणा ग्रामीण विकास निधि प्रशासन बोर्ड कर्मचारी पेंशन और सामान्य भविष्य निधि नियम, 2022 के भुगतान और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों के भुगतान को विनियमित करने के एक प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।
नियम में यह उल्लेख किया गया है कि एक अलग पेंशन खाता खोला जाएगा, जिसमें बोर्ड द्वारा किए गए बोर्ड अंशदान की राशि के साथ उस पर अर्जित ब्याज को स्थानांतरित/जमा किया जाएगा। पेंशन खातों को बोर्ड द्वारा प्राधिकृत प्राधिकारी द्वारा प्रशासित किया जाएगा। नियम में, यहां विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि पेंशन के मद्दे बोर्ड के कर्मचारियों को किए जाने वाले सभी भुगतान पेंशन खाते में से वापस लिए जाएंगे।
बोर्ड द्वारा स्थापित कर्मचारी भविष्य निधि को सामान्य भविष्य निधि में परिवर्तित किया जाएगा। इन नियमों का विकल्प देने वाले सेवारत सभी पात्र कर्मचारियों के लिए एक सामान्य भविष्य निधि खाता खोला जाएगा। इस खाते में, कर्मचारी भविष्य निधि की अंशदान राशि तथा उस पर आने वाले ब्याज की राशि जमा की जाएगी और यह खाता सामान्य भविष्य निधि नियमों द्वारा शासित होगा। नियमों में यह भी उल्लेख किया गया है कि पेंशन के रूपान्तरण की राशि की गणना सेवानिवृत्ति की वास्तविक तिथि के नियमों को ध्यान में रखते हुए की जायेगी।

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चण्डीगढ़, 5 अप्रैल-  मंत्रिमण्डल की बैठक में पंजाब जेल विभाग राज्य सेवा (श्रेणी-ढ्ढढ्ढढ्ढ कार्यकारी) नियम, 1963 को निरस्त कर हरियाणा जेल (ग्रुप-सी) सेवा नियम, 2022 बनाने को इसी शीर्षक के साथ स्वीकृति प्रदान दी गई।
मौजूदा नियमों में वार्डर की भर्ती के लिए आयु सीमा 25 से 45 वर्ष है, जो कि प्रस्तावित नियमों में पुलिस पैटर्न पर 18 से 25 वर्ष का प्रावधान किया गया है और सहायक अधीक्षक जेल के लिए 21 से 27 वर्ष है।
कर्मचारियों को पदोन्नति के अधिक अवसर प्रदान करने के लिए सहायक अधीक्षक जेल की सीधी भर्ती के लिए 75 प्रतिशत के स्थान पर 50 प्रतिशत तथा 50 प्रतिशत उप सहायक अधीक्षक जेल से सहायक अधीक्षक जेल के पदों पर पदोन्नति का प्रावधान रखा गया है।
प्रस्तावित नियमों में हैडवार्डर से उप सहायक अधीक्षक जेल की शत प्रतिशत पदोन्नति मुख्य वार्डर से पदोन्नति द्वारा भरने का प्रावधान किया गया है। वर्तमान नियमों में वार्डर की भर्ती के लिए 5 वर्ष के पुलिस के अनुभव को हटा दिया गया है।

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चण्डीगढ़, 5 अप्रैल-  मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा सिविल सेवा (सरकारी कर्मचारी भत्ते) नियम, 2016 में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की गई। हरियाणा सिविल सेवा (सरकारी कर्मचारी भत्ते) नियम, 2016 के नियम 10 (3) के मौजूदा प्रावधान में वर्णित है कि एक महीने के दौरान कर्मचारी द्वारा लिये गये किसी भी प्रकार के अवकाश के लिए किसी भी प्रकार का वाहन भत्ता देय नहीं है। हालांकि, सरकारी कर्मचारी की आकस्मिक अवकाश को ड्यूटी समझा जाएगा। इस कारण वह ड्यूटी पर पूर्ण वेतन और भत्ते लेने का हकदार होगा।
जबकि संशोधित प्रस्ताव में कहा गया है कि किसी भी प्रकार के अवकाश के दौरान  (आकस्मिक अवकाश को छोडक़र)कोई भी वाहन भत्ता देय नहीं होगा। एक महीने के लिए लिया गया अवकाश तथा ग्रीष्म अवकाश को छोडक़र जब कोई सरकारी कर्मचारी ड्यूटी पर लगा हो या जनहित में प्रशिक्षण, संगोष्ठी या किसी अन्य गतिविधि में भाग लेने गया हो।

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मोरनी शिक्षा ब्लाक या नूंह जिले में स्थित स्कूलों में नियुक्त इच्छुक शिक्षकों को मूल वेतन का अतिरिक्त 10 प्रतिशत
चंडीगढ़, 5 अप्रैल- मोरनी शिक्षा ब्लॉक और नूंह जिले के छात्रों के शैक्षणिक हितों को देखते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां आयेाजित मंत्रीमंडल की बैठक में हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग के लिए 2017 में संशोधित शिक्षक स्थानांतरण नीति-2016 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
संशोधन के अनुसार, यदि कोई शिक्षक मोरनी शिक्षा ब्लॉक या नूंह जिले में स्थित स्कूल में किसी रिक्ति के विरूद्ध तैनात होने के लिए इच्छुक है, तो उसे मूल वेतन प्लस डीए का अतिरिक्त 10 प्रतिशत का भुगतान किया जाएगा। जिला नूंह व पंचकूला में अपनी शिक्षा पूर्ण करने वाले या जिन शिक्षकों का गृह जिला नूंह या पंचकूला है उन्हें मूल वेतन का 10 प्रतिशत अतिरिक्त लाभ नहीं दिया जाएगा।

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चंडीगढ़, 5 अप्रैल- मंत्रिमंडल की बैठक में सावधि ऋण स्वीकृत करने और हाउसिंग बोर्ड हरियाणा पंचकूला के लिए सेक्टर-6, झज्जर और सेक्टर 56, 56ए फरीदाबाद में रक्षा कर्मियों और पूर्व सैनिकों हेतू भूमि की खरीद व विकास और फ्लैटों के निर्माण हेतू राज्य सरकार द्वारा 34 करोड़ रुपये की गारंटी दी गई है।
हरियाणा हाउसिंग बोर्ड राज्य में बीपीएल और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए फ्लैटों का निर्माण करता है। इसके अलावा, हाउसिंग बोर्ड हरियाणा राज्य के रक्षा कर्मियों/पूर्व सैनिकों के लिए फ्लैटों का निर्माण भी करता है। इस मंजूरी के बाद सेक्टर-6, झज्जर और सेक्टर 56, 56ए फरीदाबाद में 34 करोड़ रुपये की लागत से 336 फ्लैट बनाए जाएंगे।

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चंडीगढ़, 5 अप्रैल-  मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा खान और भूविज्ञान (ग्रुप-बी) सेवा नियम, 1998 में संशोधन के एक प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
विभाग की वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तकनीकी प्रकृति के पदों की योग्यता को उन्नत करने के लिए हरियाणा खान एवं भूविज्ञान (ग्रुप-बी), सेवा नियम, 1998 में संशोधन किया गया है।
यहां यह उल्लेख करना उचित होगा कि खनन गतिविधियों की निगरानी और विनियमन के लिए उपलब्ध प्रौद्योगिकी में पिछले एक दशक में तेजी से प्रगति हुई है। भूविज्ञान के क्षेत्र में प्रगति को ध्यान में रखते हुए, कई विश्वविद्यालय एमएससी (भूगर्भशास्त्र) के अलावा विशेष स्नातकोत्तर डिग्री पाठ्यक्रम प्रदान कर रहे हैं।
स्नातकोत्तर डिग्री पाठ्यक्रम जैसे एमएससी (एप्लाइड जियोलॉजी) और एम.टेक (भूविज्ञान) या एम.टेक (एप्लाइड जियोलॉजी) भूविज्ञान में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद भूवैज्ञानिक अन्वेषण और खनिज सर्वेक्षण में शामिल सहायक भूविज्ञानी के लिए व्यावसायिक मूल्य का हो सकता है।
संशोधन तकनीकी रूप से योग्य व्यक्तियों को आकर्षित करने और ग्रुप-बी के सेवा नियमों में मौजूद कुछ विसंगतियों को दूर करने के लिए विभिन्न पदों हेतू भर्ती के तरीके को बदल देगा।
इसके अलावा, संशोधन के बाद जिन छात्रों के पास एम.एस.सी. कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से (एप्लाइड जियोलॉजी) को ऐसे पदों के लिए एमएससी (भूविज्ञान) के बराबर माना जाएगा क्योंकि संशोधित सेवा नियम खान और भूविज्ञान विभाग में विभिन्न संवर्गों में भर्ती के लिए इन पाठ्यक्रमों को मान्यता देंगे।

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चण्डीगढ़, 5 अप्रैल – मंत्रिमंडल बैठक में सर्वेक्षण शाखा के सेवा नियमों में विसंगतियों को दूर करने के लिए हरियाणा खान और भूविज्ञान (ग्रुप-सी), मुख्यालय, 1998 संशोधन को मंजूरी दी।
सर्वेक्षण शाखा के वर्तमान सेवा नियम त्रुटिपूर्ण हैं क्योंकि सर्वेयर के फीडर पद के लिए निर्धारित योग्यता वरिष्ठ सर्वेयर के पद से भिन्न है जिसे 100 प्रतिशत पदोन्नति के माध्यम से भरा जाना है। इसके अलावा, ड्राफ्टसमैन और सर्वेयर की मौजूदा योग्यताएं वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा नहीं करती है, अब जीपीएस-आधारित उपकरणों के उपयोग ड्राइंग तकनीकी सर्वेक्षणों आदि के लिए कंप्यूटर सहायता प्राप्त गहन ज्ञान की आवश्यकता है। इसी तरह, कानूनी सहायकों के पद के लिए सीधी भर्ती पर लगे वर्तमान प्रतिबंध को हटाने की जरूरत है।
इस प्रकार, संशोधित हरियाणा खान और भूविज्ञान (ग्रुप-सी), मुख्यालय, 1998 के अनुसार, कानूनी सहायक के पद को सीधी भर्ती के माध्यम से नियमित आधार पर भरा जाएगा और ग्रुप-सी-मुख्यालय के सेवा नियमों में संशोधन करके ड्राइंग और सर्वेक्षण शाखा के केडर योग्यता में कुछ विसंगतियों को दूर किया गया है।

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चण्डीगढ़, 5 अप्रैल-  मंत्रिमण्डल की बैठक में हरियाणा खान एवं भूविज्ञान विभाग फील्ड (ग्रुप सी) सेवा नियम, 1998 सेवा नियमावली में विभिन्न केडरों में पदोन्नति के मौजूदा प्रावधानों की विसंगतियों को दूर करने के लिए हरियाणा खान एवं भूविज्ञान विभाग फील्ड (ग्रुप सी) (संशोधन) सेवा नियम, 2021 कों मंजूरी दी।
इससे पहले, सेवा नियमों मे जो बिना तकनीकी पृष्ठभूमि के क्लर्क के रूप में भर्ती होता था और इंस्पेक्टर के रूप में पदोन्नति द्वारा तकनीकी स्ट्रीम में शामिल होकर अंतत: खनन अधिकारी के रूप में पदोन्नति के लिए पात्र हो जाता था, जिसकी न्यूनतम योग्यता बीई (खनन) और भूविज्ञान में स्नातकोत्तर डिग्री की आवश्यकता होती है  ऐसे अधिकारी विभाग की तकनीकी क्षमताओं से समझौता करते है।
हालांकि, हरियाणा खान और भूविज्ञान विभाग फील्ड (ग्रुप सी) (संशोधन ) सेवा नियम, 2021 के अनुसार ग्रुप-सी के सेवा नियमों में मौजूद कुछ विसंगतियों को दूर करने के लिए लिपिक और तकनीकी स्तर को अलग किया जाएगा ताकि अधिकारिक स्तर पर खनन निरीक्षकों के पदों को सीधी भर्ती के माध्यम से योग्य व्यक्तियों को भरा जा सकें।

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चंडीगढ़, 5 अप्रैल- मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा मोटर वाहन (संशोधन) नियम, 2022 को ई-नीलामी के माध्यम से गैर-परिवहन वाहनों को अधिमान्य चिह्नï देने की प्रणाली को लागू करने की मंजूरी प्रदान की है। इसके लागू होने से आम जनता को अधिमान्य चिह्नï देने का काम पारदर्शी तरीके से किया जाएगा। इसके अलावा, यह अधिमान्य पंजीकरण चिह्नï ऑनलाइन प्राप्त करने के लिए गैर-परिवहन वाहनों के वाहन मालिकों द्वारा भुगतान की जाने वाली फीस और राजस्व के मामले में राज्य के खजाने को भी बढ़ाएगा।
हरियाणा मोटर वाहन (संशोधन) नियम, 2022 के तहत, ई-नीलामी के लिए पेश किए जाने वाले अधिमान्य पंजीकरण चिह्नïों की श्रेणियां इस प्रकार हैं – नई खुली श्रृंखला के अधिमान्य पंजीकरण चिह्नï, अन-आवंटित अधिमान्य पंजीकरण चिह्न, हरियाणा सरकार के स्वामित्व वाले वाहनों से वापिस लिए गए अधिमान्य पंजीकरण चिह्न जिन्हें रिटेनिंग सीरीज़ (एचआर-70) में एक वैकल्पिक नंबर दिया जाएगा और बिक्री/ निपटान से पहले हरियाणा सरकार के स्वामित्व वाले वाहनों द्वारा अभ्यर्पित किए गए अधिमानी पंजीकरण चिह्नï जिन्हें रिटेनिंग सीरीज (एचआर-70) में एक वैकल्पिक नंबर सौंपा जाएगा।
इन नियमों के अनुसार प्रक्रिया होगी: ई-नीलामी में पेश किए जाने वाले अधिमान्य पंजीकरण अंक परिवहन पोर्टल पर प्रदर्शित किए जाएंगे, बोलीदाता अपना नाम और पता, मोबाइल, ई-मेल, पीपीपी, बोली लगाने के लिए तरजीही पंजीकरण चिह्न, आईएफएससी कोड के साथ बैंक खाता संख्या जैसे विवरण प्रस्तुत करके परिवहन पोर्टल पर पंजीकरण करेगा। 50 हजार के आरक्षित मूल्य या अधिक के अधिमान्य चिह्नों के लिए एक हजार रुपये का और शेष के लिए पांच सौं रुपये का आवेदन शुल्क होगा। प्रत्येक अधिमानी चिह्न के लिए अलग से सुरक्षा राशि आरक्षित मूल्य के एक प्रतिशत के बराबर होगी। पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद बोलीदाता को एक विशिष्टï पंजीकरण संख्या सौंपी जाएगी और उसके पंजीकृत मोबाइल नंबर/ईमेल आईडी पर भेज दी जाएगी।
नए नियमों के अनुसार बोली प्रक्रिया की मुख्य विशेषताएं हैं – बोलीदाता किसी भी पेश किए गए अधिमान्य चिह्न के लिए बोली लगाने का विकल्प चुन सकता है, बोली बुधवार को 0000 बजे शुरू होगी और गुरुवार को 2400 बजे समाप्त होगी, न्यूनतम बोली राशि निर्धारित आरक्षित मूल्य रहेगी जो कि 1000 के गुणक में की जाएगी, अधिमान्य चिह्न अधिकतम बोली लगाने वाले को दिया जाएगा और उसका नाम परिवहन पोर्टल पर फ्लैश किया जाएगा। उन्हें एसएमएस के माध्यम से भी सूचित किया जाएगा, बोली लगाने वालों की न्यूनतम संख्या तीन होगी, ऐसा न करने पर इसे रद्द कर दिया जाएगा और अगली बोली में नंबरों की पेशकश होगीे, सभी अधिमान्य चिह्न जो तीन ई-नीलामी चक्रों में आरक्षित मूल्य प्राप्त करने में विफल रहते हैं। नीलामी चक्र उक्त चिह्न के आरक्षित मूल्य के बराबर अतिरिक्त शुल्क के भुगतान पर खरीदा जा सकता है, सफल बोलीदाता को बोली बंद होने की तारीख से 2 दिनों के भीतर बोली की शुद्घ राशि जमा करनी होगी, आवंटन की तिथि से 90 दिनों के भीतर बोली लगाने वाले को आवंटित अधिमान्य चिह्न एक वाहन पर लिया जाना होगा। यदि आबंटिती सफल बोली राशि के 2 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क के भुगतान पर 90 दिनों के और विस्तार की मांग कर सकता है और यदि आवंटी 90/180 दिनों की अवधि, जैसा भी मामला हो, के भीतर वाहन को अधिमान्य चिह्न प्रदान करने में विफल रहता है, आवंटित अधिमान्य चिह्न को जब्त कर लिया जाएगा और अगले चक्र में नीलामी के लिए नए सिरे से पेश किया जाएगा। साथ ही, सभी असफल बोलीदाताओं को सुरक्षा जमा राशि बोली बंद होने के 15 दिनों के भीतर वापस कर दी जाएगी।

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