रादौर – अवैध खनन व ओवरलोड के खिलाफ 221 पेज के लिखित प्रमाण प्रशासन को सौंप की सीबीआई जांच की मांग  

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रादौर, 28 जून (कुलदीप सैनी) : हरियाणा एंटी करप्शन सोसायटी अध्यक्ष अधिवक्ता वरयाम सिंह की ओवरलोड व अवैध खनन पर याचिका पर उच्च न्यायालय की डबल बैंच के हस्तक्षेप के बाद स्थानीय प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। जांच में शामिल होने के लिए अधिवक्ता वरयाम सिंह को मंगलवार को एसडीएम सतिंद्र सिवाच ने कार्यालय बुलाया था। जहां वरयाम सिंह ने 221 पेज के लिखित प्रमाण व अन्य कागजात उन्हें सौंपे। वरयाम सिंह का कहना है कि लंबे समय से उनके द्वारा किया जा रहा संघर्ष अब रंग ला सकता है। उन्हें उम्मीद है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की ओर से चलाई जा रही मुहिम के तहत इस मामले में भी न्याय होगा और अवैध खनन व ओवरलोड में लिप्त लोगों व लापरवाह प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
पुख्ता प्रमाणों के साथ पेश की 221 पेज की रिपोर्ट
अधिवक्ता वरयाम सिंह ने बताया कि माननीय उच्च न्यायालय के बाद प्रशासन की ओर से अवैध खनन व ओवरलोड पर जांच शुरू हो गई है। आज उनसे पहले एसडीएम ने डीटीओं, खनन अधिकारी, थाना रादौर व जठलाना प्रभारी को भी बुलाकर मामले बारे जानकारी ली है। उन्होंने भी 221 पन्नों की रिपोर्ट उनके समक्ष रखी है। जिसमें 2019 से लेकर आज तक के सभी प्रमाण रखे गए है जिनसे साबित हो रहा है कि क्षेत्र में अवैध खनन व ओवरलोड हावी है। इसके अलावा विभिन्न विभागों की ओर से जब जब कोई कार्रवाई क्षेत्र में की गई जिससे साबित होता है कि अवैध कार्य चल रहा है वह रिपोर्ट, मौके की फोटो, मौजिज लोगों के ब्यान जिसमें उन्होंने भी माना है कि इस मामले की सीबीआई जांच जरूरी है, वरिष्ठ नागरिकों की सीएम विंडो की शिकायत पर की गई टिप्पणी व पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों की वह रिपोर्ट जिसमें उन्होंने माना है कि ओवरलोड से सड़कों को नुकसान पहुंच रहा है इत्यादि पेश किए है।
इसलिए की सीबीआई जांच की मांग
वरयाम सिंह ने बताया कि वह लंबे समय इस मामले को उठा रहे है। कई बार शिकायतें हर कार्यालय में कर चुके है। लेकिन हर बार अधिकारियों ने इस मामले को दबाने का प्रयास किया और उनकी शिकायतों का दफ्तर दाखिल करवाने का प्रयास किया। लेकिन सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ चली मुहिम के तहत इन शिकायतों पर बार बार जांच होती रही। लेकिन जब उन्हें लगा कि कार्यालयों के चक्कर लगाने से जल्दी कुछ होने वाला नहीं है तो उन्होंने उच्च न्यायालय जाकर सीबीआई जांच की मांग की। सीबीआई से जांच वह इसलिए करवाना चाहते है क्योंकि इस मामले में ऐसे बड़े चेहरे शामिल है जिनका प्रशासन पर दबाव है और वह अपने दबाव का प्रयोग कर शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं होने देते। उन्हें उम्मीद है कि अब इस मामले की सीबीआई जांच भी होगी और प्रशासन की ओर से भी इसमें कार्रवाई की जाएगी।

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