रादौर – पुलिस पर झूठे केस में फंसाने के मामले में डीएसपी ने दर्ज किए पीड़ित के ब्यान 

43
ख़बर सुने
🔔 वीडियो खबरें देखने के लिए 👉 यहां क्लिक करें 👈और हमारे चैनल को सब्सक्राइब व 🔔 का बटन दबा कर तुरंत पाए ताजा खबरों की अपडेट

रादौर, 28 मई (कुलदीप सैनी) : सूखा चारा यूपी की ओर ले जा रहे एक ट्रैक्टर  ट्राली चालक की शिकायत करने पर शिकायतकर्ता के साथ जठलाना थाना प्रभारी रघुबीर सिंह व एक अन्य कर्मचारी संतोष कुमार पर लगे अभद्र व्यवहार करने व झूठे केस में फंसाने की धमकी देने के मामले में अब कार्रवाई तय है। डीएसपी रजत गुलिया को दी गई शिकायत के बाद डीएसपी ने शिकायतकर्ता को कार्यालय बुलाकर उसके ब्यान दर्ज किए। इस दौरान शिकायतकर्ता ने मामले से जूडे साक्ष्य भी डीएसपी के सामने रखे। उनका पक्ष सुनने के बाद डीएसपी ने पूरे मामले की रिपोर्ट जिला पुलिस अधीक्षक के पास भेज दी है। रिपोर्ट भेजे जाने के बाद अब माना जा रहा है कि दोनों पुलिस कर्मचारियों पर कार्रवाई जल्द ही हो सकती है।
यह था मामला
गांव खुखनी निवासी अशोक कुमार गांव गुमथला में करनाल मार्ग पर एक दुकान चलाता है। 25 मई की रात्रि वह दुकान पर मौजूद था। इस दौरान उसने देखा कि भूसे से लदी एक ट्राली सड़क पर उसकी दुकान के बाहर खड़ी हुई है, जो यूपी की ओर जाने का प्रयास कर रहे थे। जबकि सूखे चारे को प्रदेश से बाहर ले जाने पर जिला प्रशासन की ओर से पांबदी लगाई गई है। जब उसने ट्राली चालक से अपनी ट्राली साइड में लगाने को कहा तो वह उससे उलझ पड़ेे। जिस पर उसने डायल 112 पर ट्राली चालक की सूचना दी। सूचना पाकर कुछ देर पर डायल 112 की गाड़ी मौके पर पहुंची, जिन्होंने इसकी सूचना थाना जठलाना में दी। तब जठलाना थाने से एक पुलिस कर्मचारी जिसका नाम संतोष कुमार है वह अपने एक अन्य साथी के साथ मौके पर आया। वह इस ट्राली पर कार्रवाई करने की बात कहकर थाना जठलाना की ओर लेकर चले गए। तब गुस्से में ट्राली चालक ने उससे कहा कि उनकी पुलिस से सेंटिग है। कुछ देर बाद उनकी ट्राली छूट जाएगी। तब उसने थाना जठलाना प्रभारी को फोन कर मामले की सूचना दी। जिस पर थाना प्रभारी रघुबीर सिंह ने सुबह के समय उसे थाने आने को कहा। गुरूवार की सुबह करीब 9 बजें  वह थाने पहुंचा तो थाना प्रभारी ने उससे ही अभद्र व्यवहार करना शुरू कर दिया। उसे झूठे केस में फंसाने की धमकियां दी गई। थाना प्रभारी ने उससे कहा कि वह उसे ऐसे केस में फंसाएगा कि खून के आंसू रोएगा। जिससे वह घबराकर किसी तरह वहां से निकल गया। कुछ देर बात थाना प्रभारी के सरकारी नंबर से उसके पास फिर से फोन आया कि रात 112 पर दी शिकायत पर समझौता करके जा। उसने कहा कि अगर गैर कानूनी तरीके से भूसा उत्तर प्रदेश जा रहा था, तो आप उस पर कार्रवाई कर दो, नहीं तो मुझे इस मामले से कुछ नहीं लेना। तब दोपहर करीब दो बजे जब वह अपनी दुकान पर था तो पुलिस कर्मचारी संतोष कुमार व एक अन्य उसकी  दुकान पर पहुंचा और जबरन समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा। लेकिन उसने मना कर दिया। आरोप है कि संतोष कुमार ने उसे कहा कि अगर भूसे वालों ने तेरी झूठी शिकायत पैसे लेने बाबत दे दी तो फिर क्या करेगा। तब उसने कहा कि मेरे पास सारी रिकार्डिंग मौजूद है, जिसे वह जिला पुलिस अधीक्षक के सामने रखेगा। जिस पर वह कर्मचारी वहां से चले गए।
डीएसपी के सामने रखे पूरे प्रमाण, गवाह के ब्यान भी दर्ज करवाए
शिकायतकर्ता अशोक कुमार ने बताया कि उन्होंने मामले से जुडी 3 आडियो रिकार्डिंग डीएसपी रजत गुलिया को सौंपी है। जिसमें उनके साथ हुए अभद्र व्यवहार करने पूरे प्रमाण है। साथ ही उस समय मौके पर मौजूद संजीव कुमार व शिवकुमार के ब्यान भी दर्ज करवाए है। जिसके सामने यह मामला हुआ और उसे झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई। करीब एक घंटे तक डीएसपी ने उनकी बातों को पूरे ध्यान से सुना और उसे उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्हें उम्मीद है कि उसे न्याय मिलेगा। अगर न्याय नहीं मिला तो वह गृह मंत्री अनिल विज के दरबार में गुहार लगाने पर विवश हो जाएगें।

डीएसपी रादौर  रजत गुलिया ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। शिकायतकर्ता के ब्यान दर्ज कर लिए गए है। उसके पास जो आडिय़ो रिकार्डिंग मौजूद थी उसे भी सुना गया है। जिसकी रिपोर्ट बनाकर जिला पुलिस अधीक्षक को भेज दी गई है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here