रादौर – बापौली गांव में कच्चे रास्ते को पक्का किये जाने के कार्य में धांधली पर भड़के पूर्व मंत्री

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बोले मुख्यमंत्री से करेंगे अधिकारियों की शिकायत 

ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करने की भी करेंगे मांग 
रादौर, 13 दिसंबर (कुलदीप सैनी) : उपमंडल के गांव बापौली के ग्रामीणों की ओर से पंचायती राज विभाग की ओर से कच्चे रास्ते को पक्का करने के कार्य में हुई धांधली की शिकायत मिलने पर पूर्व मंत्री कर्णदेव कांबोज ने कार्य का निरीक्षण किया। जहां ग्रामीणों ने उन्हें दिखाया कि किस प्रकार इस कार्य में घटियां स्तर की ईंटे लगाकर धांधली की गई है। निरीक्षण के बाद पूर्व मंत्री ने विभाग के जेई तरसेम पाल को मौके पर बुलाया और इस कार्य को लेकर जवाब मांगा तो जेई के चेहरे की हवाइयां उड़ गई। वह ठीक से उन्हें कोई जवाब नहीं दे पाए। जिस पर पूर्व मंत्री ने उन्हें लताड़ लगाते हुए इस कार्य की जांच कर ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिए। पूर्व मंत्री ने कहा कि वह इस कार्य की देखरेख करने वाले अधिकारियों की शिकायत भी मुख्यमंत्री से कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग करेगें। उनके साथ पूर्व विधायक ईश्वर सिंह पलाका, मंडल अध्यक्ष हैप्पी खेड़ी, महामंत्री धनपत सैनी, विरेंद्र चानना, पार्षद भगवतदयाल कटारिया व परमजीत पम्मी भी मौजूद रहे।
ग्रामीण कुलदीप बापौली, जसविंद्र सिंह, प्रदीप, कर्मजीत, हिशम सिंह, बलबीर हुड्डा, विक्रम सांगवान, संदीप शर्मा, धर्मपाल, अमित, बलजीत, भारत भूषण, हरपाल इत्यादि ने बताया कि पंचायती राज विभाग की ओर से उनके गांव के खेतों से होकर जाने वाले रास्ते को ईंटो के माध्यम से पक्का करवाया गया था। जिसका करीब 19 से 20 लाख रूपए का खर्च बताया जा रहा है। ठेकेदार ने इस कार्य में बड़े स्तर पर धांधली की है। निर्माण कार्य में प्रयोग की गई सभी ईंटे घटियां स्तर की है, जो थोड़ा सा वजन भी सहन नहीं कर सकती। इतना ही नहीं आधे अधूरे इस कार्य में ठेकेदार ने बरम बनाने का कार्य भी नहीं किया। जिससे अब यह ईंटे भी साइड से उखडऩी शुरू हो गई है। घटियां ईंटो की शिकायत उन्होनें कई बार स्थानीय व जिले के अधिकारियों से की लेकिन मिलीभगत के चलते ग्रामीणों के विरोध के बाद भी इस कार्य को इन्हीं ईंटो से पूरा कर दिया गया। ईंटे इतनी घटियां है कि देखने मात्र से ही कार्य में हुई धांधली साफ तौर पर नजर आ जाती है। अधिकारियों की देखरेख में हुआ यह कार्य पूरी तरह से भ्रष्टाचार को उजागर कर रहा है। जिसके लिए ठेकेदार के साथ साथ अधिकारी भी दोषी है। इसलिए इस कार्य की जांच होनी चाहिए और इस कार्य को दोबारा से करवाया जाना चाहिए। जांच के बाद दोषी ठेकेदार व अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। ताकि भविष्य में अन्य जगहों पर इस प्रकार सरकार के पैसे का दुरूपयोग न हो।
पूर्व मंत्री कर्णदेव काम्बोज ने कहा कि ग्रामीणों की शिकायत पर वह इस कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे थे। यहां उन्होंने देखा कि ग्रामीणों की शिकायत जायज है। इस कार्य में प्रयोग की गई ईंटे बहुत ही घटियां स्तर की है। वह इस मामले को विभाग के उच्चाधिकारियों के  समक्ष रखेगें। वहीं कार्य की देखरेख का जिम्मा जिन अधिकारियों के पास था उनकी शिकायत मुख्यमंत्री से करेगें।
वही मौके पर पहुंचे पंचायत राज विभाग के जेई तरसेम ने बताया कि फिलहाल ठेकेदार को इस कार्य की पेमेंट नहीं की गई है। साथ ही उसे नोटिस भी दिए गए है। जिसमें इन ईंटो को बदलने बारे कहा गया है। अगर ठेकेदार ने अपने कार्य को ठीक नहीं किया तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी और उसकी पेमेंट भी नहीं की जाएगी।

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