Home Ambala जनसमस्याओं पर प्रशासन सख्त, समाधान शिविर में अधिकारियों को निर्देश
यमुनानगर, 19 अक्तूबर (कुलदीप सैनी) : जिला प्रशासन द्वारा उपायुक्त प्रीति के मार्गदर्शन में आमजन की समस्याओं एवं शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए प्रत्येक सोमवार और वीरवार को उपायुक्त कार्यालय के सचिवालय में समाधान शिविर आयोजित किया जा रहा है। शिविर में प्रशासन के विभिन्न विभागों के अधिकारी नागरिकों की शिकायतें सुनते हैं और उनके शीघ्र निवारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देते हैं। इसका उद्देश्य लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत दिलाना तथा पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
नगराधीश पीयूष गुप्ता ने बताया कि हरियाणा सरकार के निर्देशानुसार समाधान शिविर का आयोजन प्रत्येक सोमवार और वीरवार को प्रातः 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक किया जाता है। शिविर में जिले के नागरिक अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रख सकते हैं। संबंधित विभागों के अधिकारियों को शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई करने और निर्धारित समय में उनका निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाते हैं।
मौके पर समाधान योग्य शिकायतों को प्राथमिकता देने के निर्देश
नगराधीश पीयूष गुप्ता ने शिविर में पहुंचे नागरिकों की शिकायतें ध्यानपूर्वक सुनीं। उन्होंने कहा कि समाधान शिविर सरकार और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम हैं। इनके जरिए नागरिकों को अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखने और उनके समाधान की प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलता है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों के निपटारे में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। जिन मामलों का समाधान मौके पर संभव है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तत्काल निपटाया जाए। वहीं, जिन शिकायतों में उच्च स्तर पर कार्रवाई की आवश्यकता है, उन्हें संबंधित विभाग या सक्षम अधिकारी के पास भेजकर उनकी नियमित निगरानी की जाए, ताकि शिकायतों का समाधान समयबद्ध तरीके से हो सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि शिकायतकर्ता को उसकी शिकायत पर की गई कार्रवाई की जानकारी दी जाए। इससे प्रशासनिक प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और नागरिकों का प्रशासन के प्रति विश्वास मजबूत होगा।
राजस्व, बिजली, पानी और परिवार पहचान पत्र से जुड़ी शिकायतें सुनीं
समाधान शिविर में नागरिकों ने विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याएं रखीं। इनमें राजस्व, परिवार पहचान पत्र, बिजली, पानी, नगर निकाय, सामाजिक सुरक्षा और अन्य विभागों से जुड़ी शिकायतें शामिल रहीं। शिविर में कृष्ण चंद पुत्र अमर प्रकाश, निवासी बपौली ने स्पीड ब्रेकरों के निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल, अनियमितताओं और पंचायती फंड के दुरुपयोग से संबंधित शिकायत रखी। वहीं, कैत निवासी सूरज पाल पुत्र जयचंद ने बिजली की तारों को ऊंचा करवाने की मांग उठाई।
नगराधीश ने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों पर नियमानुसार कार्रवाई करने और उनके समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे समाधान शिविर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखें। जिला प्रशासन का प्रयास है कि नागरिकों को सरकारी सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ आसानी से मिले और शिकायतों का निपटारा पारदर्शी, जवाबदेह एवं समयबद्ध तरीके से हो।
योग को जीवनशैली में शामिल करने का दिया संदेश
समाधान शिविर के उपरांत आयुष विभाग के योग विशेषज्ञ डॉ. शिव कुमार सैनी ने उपस्थित अधिकारियों एवं नागरिकों को योग के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और तंदुरुस्त रहने के लिए योग को अपनी दिनचर्या का नियमित हिस्सा बनाना जरूरी है। योग केवल किसी एक दिन या सप्ताह तक सीमित गतिविधि नहीं है, बल्कि इसे जीवनशैली में शामिल करना चाहिए।
डॉ. सैनी ने बताया कि योग और आयुर्वेद तन, मन तथा आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने में सहायक हैं। नियमित योगाभ्यास से शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास को बढ़ावा मिलता है तथा स्वस्थ जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने स्वस्थ दिनचर्या और स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन धरोहर है, जिसने आज विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। यह देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने उपस्थित लोगों को प्राणायाम, अनुलोम-विलोम और कपालभाति सहित विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास करवाया तथा नियमित योग अपनाने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर समाधान शिविर के मनोनीत सदस्य खरैती लाल बतरा सहित प्रशासन के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।