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बिजली निजीकरण के विरोध में किसान और बिजली कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन

रादौर, 21 अक्तूबर (कुलदीप सैनी) : बिजली के निजीकरण और समानांतर लाइसेंस दिए जाने के विरोध में बुधवार को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत ग्रुप) के नेतृत्व में किसानों और बिजली कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। रोष प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला उपाध्यक्ष यादविंद्र काम्बोज ने की। वहीं प्रदेश उपाध्यक्ष दीप राणा और प्रदेश महासचिव अरविंद कांबोज भी इस अवसर पर मौजूद रहे। बुधवार को किसान व कर्मचारी कांबोज धर्मशाला में एकत्रित हुए। इसके बाद प्रदर्शन करते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचे, जहां सरकार की नीतियों के खिलाफ रोष जताया गया। प्रदर्शनकारियों ने संबंधित विधेयकों की प्रतियां जलाकर विरोध दर्ज कराया और एसडीएम रादौर को ज्ञापन सौंपकर एग्री डिस्कॉम को रद्द करने की मांग की।
इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष यादविंद्र काम्बोज ने कहा कि सरकार बिजली क्षेत्र में निजी कंपनियों को बढ़ावा देने की का प्रयास कर रही है। बिजली व्यवस्था का निजीकरण होने से किसानों, कर्मचारियों और आम उपभोक्ताओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इससे भविष्य में किसानों के ट्यूबवेलों पर बिजली मीटर लगाने और अन्य माध्यमों से उन पर आर्थिक बोझ बढ़ाया जाएगा। बिजली जैसी आवश्यक सेवा को निजी कंपनियों के हवाले करने से आम जनता की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। नूंह और मेवात में बिजली के निजीकरण की प्रक्रिया सरकार की ओर से शुरू कर दी गई है। इस पर सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार दूरसंचार क्षेत्र में निजी कंपनियों को बढ़ावा मिला, उसी तरह बिजली क्षेत्र में भी सरकारी व्यवस्था कमजोर होने की आशंका है। बिजली के निजीकरण और समानांतर लाइसेंस देने की नीति से किसानों के साथ-साथ बिजली कर्मचारियों के हित भी प्रभावित होंगे। यूनियन ने सरकार से इन नीतियों को वापस लेने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि किसानों और कर्मचारियों के अधिकारों के खिलाफ लिए जाने वाले फैसलों का एकजुट होकर विरोध किया जाएगा। इस मौके पर कुलविंदर सिद्धू, महिंद्र चमरोड़ी, साहिल सेतिया, सतपाल सैनी, पवन गोयल दामला, दलवीर कैल, रोहित दामला, निरंजन सुढैल, अंकित जयपुर, राकेश बागवाली, बिजली यूनियन से प्रवेश सैनी, मास्टर जंगशेर और धर्मबीर अमलोहरा सहित अन्य किसान व कर्मचारी मौजूद रहे।
ग्लोबल रिसर्च इंस्टीट्यूट में तीन दिवसीय व्यवहारिक कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू

रादौर, 21 अक्तूबर (कुलदीप सैनी) : ग्लोबल रिसर्च इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी में बुधवार को विद्यार्थियों को भविष्य की व्यावसायिक चुनौतियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से तीन दिवसीय व्यवहारिक कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को संचार कौशल, व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता और पेशेवर व्यवहार से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम का आयोजन संस्थान के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर इंजीनियर मुकेश के नेतृत्व में किया गया। पहले दिन प्रशिक्षक ईश शर्मा ने विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया। उन्होंने आधुनिक कार्पोरेट जगत की आवश्यकताओं, प्रभावी संवाद शैली, पेशेवर शिष्टाचार और साक्षात्कार में सफलता प्राप्त करने के महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने, दूसरों के विचारों को ध्यानपूर्वक सुनने और सकारात्मक शारीरिक भाषा अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही विभिन्न परिस्थितियों में प्रभावी संवाद स्थापित करने के व्यावहारिक तरीके भी समझाए गए।
संस्थान के निदेशक डा. लक्ष्य अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक दौर में शैक्षणिक योग्यता के साथ प्रभावी संवाद कौशल, बेहतर व्यक्तित्व और व्यावहारिक दक्षता भी सफलता के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शैक्षणिक शिक्षा के साथ कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं को पहचानने, कमियों में सुधार करने और भविष्य की चुनौतियों का आत्मविश्वास से सामना करने में सहायक करेगा। कार्यक्रम में समूह चर्चा, साक्षात्कार तकनीक, समय प्रबंधन, टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक सोच जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त करने के लिए तैयार करना और उन्हें उद्योग जगत की अपेक्षाओं के अनुरूप दक्ष बनाना है। इस अवसर पर संस्थान के सभी स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।
शालू जिन्दल को मिला ‘सीएसआर पर्सन ऑफ द ईयर’ अवॉर्ड

रादौर, 21 अक्तूबर (कुलदीप सैनी) : जिन्दल फाउंडेशन की चेयरपर्सन शालू जिन्दल को नई दिल्ली में आयोजित 19वें इंडिया सीएसआर लीडरशिप समिट एंड अवॉर्ड्स 2026 में ‘सीएसआर पर्सन ऑफ द ईयर’ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान महिला स्वास्थ्य, मातृत्व देखभाल, पोषण और आर्थिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मिला। उनके नेतृत्व में फाउंडेशन की हरकदम पहल 2,300 से अधिक वंचित गांवों तक पहुंच चुकी है। इसके तहत नौ लाख से अधिक किशोरियों को एनीमिया संबंधी सहायता और 8.9 लाख से अधिक गर्भवती व नव प्रसूता महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इस पहल के माध्यम से अब तक 1.2 करोड़ से अधिक बार स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी सहायता प्रदान की जा चुकी है। यह सम्मान महिलाओं, किशोरियों और बच्चों के स्वास्थ्य व सशक्तिकरण के लिए शालू जिन्दल के प्रयासों को मान्यता देता है। जिन्दल फाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और महिला सशक्तिकरण सहित विभिन्न क्षेत्रों में सामाजिक विकास के लिए कार्यरत है।
डॉ. सौरभ आर्य को मिलेगा 14वां जेम्स ऑफ इंडिया अवार्ड

रादौर, 21 अक्तूबर (कुलदीप सैनी) : समाज सेवा के क्षेत्र में योगदान के लिए सत्यार्थ ग्रुप ऑफ इंडिया के चेयरमैन एवं समाजसेवी डॉ. सौरभ आर्य को 14वें जेम्स ऑफ इंडिया अवार्ड 2026 से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान 25 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में स्वर्णकार शिरोमणि महाराजा अजमीढ़ जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित अंतरराष्ट्रीय महासम्मेलन में प्रदान किया जाएगा। डॉ. सौरभ आर्य पर्यावरणविद्, लेखक, मोटिवेशनल स्पीकर और विभिन्न सामाजिक सम्मेलनों के संयोजक के रूप में कार्य कर रहे हैं। उन्हें प्रेरणादायक एवं समर्पित समाजसेवा के लिए इस सम्मान हेतु चुना गया है। सम्मेलन की थीम ‘सत्य, साहस और सेवा का अनुपम प्रतीक’ रखी गई है। डॉ. सौरभ आर्य ने बताया कि कार्यक्रम में देश-विदेश की कई प्रमुख हस्तियां भाग लेंगी और समाजसेवा के क्षेत्र में योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित करेंगी। डॉ. आर्य ने अपने चयन के लिए वैद्य सत्यप्रकाश आर्य, डॉ. प्रकाश सोनी, डॉ. प्रशांत द्विवेदी और शिव नारायण जांगड़ा का आभार व्यक्त किया।