Home Ambala नवरात्रों में कुट्टू का आटा खरीदने वालों के लिए जरूरी खबर, हरियाणा...
चंडीगढ़, 11 अक्टूबर (कुलदीप सैनी)। नवरात्रों और व्रत के दौरान कुट्टू के आटे की बढ़ती मांग को देखते हुए हरियाणा सरकार ने खाद्य सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को कुट्टू के आटे और व्रत में इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों की नियमित जांच करने, सैंपल लेने और गड़बड़ी मिलने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
दुकानों पर होगी जांच, खाद्य पदार्थों के लिए जाएंगे सैंपल
स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशों के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग, हरियाणा के आयुक्त डॉ. मनोज कुमार ने फील्ड अधिकारियों को कुट्टू का आटा बेचने वाले दुकानदारों और खाद्य कारोबारियों पर नजर रखने को कहा है। विभाग ने नवरात्रों के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित करने के लिए विशेष एडवाइजरी भी जारी की है।
खराब कुट्टू का आटा खाने से हो सकती है फूड पॉइजनिंग
विभाग के अनुसार, कुट्टू के आटे के भंडारण में लापरवाही, नमी और साफ-सफाई की कमी के कारण यह दूषित हो सकता है। पुराना, बासी, फफूंद लगा या दूषित आटा खाने से उल्टी, दस्त, पेट दर्द, मितली और बुखार जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में खाद्य विषाक्तता का खतरा भी रहता है।
FSSAI के मानकों का पालन जरूरी
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के निर्धारित मानकों के अनुसार, मोटे अनाज की श्रेणी में आने वाले कुट्टू में नमी की अधिकतम मात्रा 13 प्रतिशत होनी चाहिए। इसके अलावा बाहरी अवांछित पदार्थों की मात्रा निर्धारित सीमा के भीतर होनी चाहिए। विभाग ने खाद्य कारोबारियों को गुणवत्ता और स्वच्छता संबंधी नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं।
दुकानदारों को दिए गए जरूरी निर्देश
विभाग ने दुकानदारों और खाद्य कारोबारियों से कहा है कि वे केवल वैध FSSAI लाइसेंस या पंजीकरण वाले विश्वसनीय विक्रेताओं से ही कुट्टू का आटा खरीदें। खरीदारी के दौरान पैकिंग की तारीख, उपयोग की अंतिम तिथि, बैच नंबर और पैकेट की स्थिति की जांच करें। आटे को साफ, सूखे और नमी रहित स्थान पर रखें। पुराने, बदबूदार या फफूंद लगे आटे की बिक्री न करें।
कुट्टू का आटा खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने आमजन से विश्वसनीय दुकानों से सीलबंद पैकेट खरीदने और उस पर दर्ज FSSAI लाइसेंस नंबर व अन्य विवरण जांचने की अपील की है। आटे में असामान्य गंध, रंग में बदलाव, गांठ या कीड़े दिखाई देने पर उसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। कुट्टू के आटे से बने खाद्य पदार्थों को अच्छी तरह पकाकर ही खाना चाहिए।
तबीयत बिगड़ने पर तुरंत डॉक्टर से करें संपर्क
विभाग ने सलाह दी है कि कुट्टू के आटे से बने खाद्य पदार्थ खाने के बाद उल्टी, दस्त, पेट दर्द या चक्कर जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी चिकित्सक से संपर्क करें और स्वयं इलाज करने से बचें। स्वास्थ्य मंत्री ने भी आमजन से खाद्य सुरक्षा संबंधी सावधानियां अपनाने और संदिग्ध खाद्य पदार्थों की बिक्री व सेवन से बचने की अपील की है।