Home Ambala 1857 की क्रांति की गाथा दिखाएगा अंबाला का भव्य स्मारक, जल्द उद्घाटन...
चंडीगढ़, 13 अक्टूबर (कुलदीप सैनी)। अंबाला छावनी में 800 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित आजादी की पहली लड़ाई का शहीद स्मारक पूरी तरह तैयार हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही इसका उद्घाटन करेंगे। इसके बाद स्मारक को आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह स्मारक केवल हरियाणा ही नहीं, बल्कि पूरे देश की ऐतिहासिक धरोहर है। इसका उद्देश्य 1857 की क्रांति में बलिदान देने वाले वीरों को उचित सम्मान दिलाना है।
1857 की क्रांति के वीरों को समर्पित है स्मारक
अनिल विज ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में हजारों देशवासियों ने अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष करते हुए अपने प्राण न्योछावर किए। इनमें अनेक ऐसे वीर भी थे, जिनके योगदान को इतिहास में पर्याप्त स्थान नहीं मिल पाया। स्मारक के माध्यम से इन गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और संघर्ष को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया गया है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद अंबाला छावनी में इस स्मारक के निर्माण की दिशा में काम आगे बढ़ा। इसके लिए ऐतिहासिक दस्तावेजों और शोध सामग्री का सहारा लिया गया।
23 गैलरियों में दिखेगा क्रांति का इतिहास
स्मारक में कुल 23 गैलरियां बनाई गई हैं, जिनमें अंबाला, हरियाणा, मेरठ, दिल्ली, पंजाब, गुजरात, झांसी और देश के अन्य क्षेत्रों में 1857 के संघर्ष से जुड़ी घटनाओं को प्रदर्शित किया गया है। यहां अत्याधुनिक तकनीक, 360 डिग्री प्रोजेक्शन और साउंड एवं लेजर शो के माध्यम से आगंतुकों को उस दौर के इतिहास से रूबरू कराया जाएगा।
अनिल विज के अनुसार, शोध के आधार पर अब तक 700 से अधिक क्रांतिकारियों के नाम, उनके पिता के नाम और गांवों की पहचान की गई है। इन वीरों के नाम स्मारक में स्वर्ण अक्षरों में अंकित किए गए हैं। भविष्य में अन्य स्वतंत्रता सेनानियों की प्रामाणिक जानकारी मिलने पर उनके नाम भी जोड़े जाएंगे।
2,500 लोगों की क्षमता वाला ओपन एयर थिएटर
स्मारक परिसर में 2,500 लोगों की क्षमता वाला ओपन एयर थिएटर और 300 लोगों के बैठने की क्षमता वाला ऑडिटोरियम बनाया गया है। परिसर में 63 मीटर ऊंची कमल के फूल के आकार की संरचना भी तैयार की गई है, जिसमें दो हाई-स्पीड लिफ्ट लगाई गई हैं। इसके शीर्ष पर स्काई कैफे विकसित किया जा रहा है। यहां एक हेलीपैड भी बनाया गया है।
अनिल विज ने बताया कि स्मारक को विस्तार से देखने में करीब छह घंटे लग सकते हैं। आगंतुकों की सुविधा के लिए समूहों में भ्रमण की व्यवस्था की गई है।
ऑनलाइन बुक कर सकेंगे टिकट
स्मारक में प्रवेश के लिए मोबाइल ऐप और वेबसाइट के माध्यम से टिकट बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। परिसर में स्मृति-चिह्नों की बिक्री के लिए आठ दुकानें भी बनाई गई हैं। बिजली की निर्बाध आपूर्ति के लिए अलग सब-स्टेशन और जनरेटर की व्यवस्था की गई है।
सभी राज्यों से राज्य दिवस मनाने की अपील
अनिल विज ने बताया कि देश के सभी राज्यों को पत्र लिखकर आग्रह किया गया है कि वे अपने वार्षिक राज्य दिवस के कार्यक्रम इस राष्ट्रीय स्मारक में आयोजित करें। इससे विभिन्न राज्यों के लोगों को 1857 की क्रांति और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि यह स्मारक आने वाली पीढ़ियों को देश के स्वतंत्रता संग्राम, वीरों के त्याग और देशभक्ति से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।