कई घंटे चली बैठक में सरकारी जमीन से अवैध कब्जे तक, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए कई अहम निर्देश

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चंडीगढ़, 22 सितंबर(कुलदीप सैनी)। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को चंडीगढ़ में विधायकों, प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों के साथ करीब छह घंटे चली बैठक में जनसमस्याओं और विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों द्वारा सरकार के समक्ष उठाए गए मामलों पर केवल आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर कार्रवाई दिखाई देनी चाहिए।

“आमजन को समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें”

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता और प्रशासन के बीच दूरी कम करना सरकार की प्राथमिकता है। किसी नागरिक को अपनी जायज मांग या शिकायत लेकर अलग-अलग कार्यालयों में भटकना नहीं चाहिए। जिला स्तर पर हल होने वाले मामलों को अनावश्यक रूप से उच्च स्तर तक लंबित न रखा जाए।

“जनसंवाद पोर्टल की शिकायतों पर हो समयबद्ध कार्रवाई”

बैठक में जनसंवाद पोर्टल पर जनप्रतिनिधियों की ओर से भेजी गई शिकायतों की विधानसभा क्षेत्रवार समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक सचिवों को संबंधित मामलों की स्वयं निगरानी करने और समाधान की प्रक्रिया का वास्तविक परिणाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विधायकों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया।

“विकास परियोजनाओं में अनावश्यक देरी स्वीकार्य नहीं”

नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को सभी विकास कार्य निर्धारित समयावधि में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं में अनावश्यक देरी किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगी। विभागों को नियमित रूप से कार्यों की प्रगति की समीक्षा करने और फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए।

“एक माह में सरकारी जमीनों का रिकॉर्ड दुरुस्त करें”

मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को एक माह के भीतर अपनी सरकारी जमीनों को चिन्हित कर रिकॉर्ड दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा मिलने पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए उसे कब्जामुक्त कराया जाए।

“रात 11 बजे के बाद हर घंटे चले बस”

पानीपत सिटी बस सेवा को लेकर मुख्यमंत्री ने रात्रिकालीन रूट प्लान प्रभावी ढंग से तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रात 11 बजे के बाद प्रत्येक घंटे कम से कम एक बस का संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि देर रात यात्रियों को आवागमन में परेशानी न हो।

“20 वर्ष से रह रहे परिवारों की समस्याओं के समाधान की नीति बने”

मुख्यमंत्री ने सिंचाई और शहरी स्थानीय निकाय विभाग में पंचायत विभाग की तर्ज पर नीति तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि संबंधित क्षेत्रों में 20 वर्ष या उससे अधिक समय से रह रहे परिवारों को नियमानुसार लाभ मिल सके।

“जनहित के मामलों में जवाबदेही से समझौता नहीं”

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का अर्थ केवल नीतियां बनाना नहीं, बल्कि उनका असर अंतिम व्यक्ति तक दिखाई देना है। सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचे तथा प्रशासनिक स्तर पर आने वाली बाधाओं को दूर किया जाए, यह अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

बैठक में विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा सहित विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिव और विभागाध्यक्ष मौजूद रहे।